भगवान शिव का नाम, अवघड दानी व शमशान वासी क्यो पडा|

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दोस्तो आपका स्वागत है आज के इस खास पोस्ट मै|

दोस्तो जैसे कि ऊपर कि टाइटील मै लिखा है, भगवान शिव का नाम अवघड दानी व शमशान वासी क्यो पडा|

जी हा? दोस्तो हम सभी के मन मे बार बार ये सवाल आता है कि, सभी देवतो को स्वर्ग मे एक राजा के सम्मान की तरह सम्मान का स्थान दिया गया, तो भगवान शिव क्यो नही दिया गया|

जी हा? दोस्तो भगवान शंकरतो सभी देवो मे बडे थे,दया के निदान थे,करूणा के सागर थे, देवो मे देव महादेव थे, कपूर जैसे सुन्दर थे सिरिस्ती के राचियता थे, कालो के काल महाकाल थे,फिर भी उन्है शमशान जाना पडा|क्यो

जी हा? दोस्तो भगवान शिव को सबसे प्रिय भगवान राम थे,भगवान राम को भगवान शिव अपने से बडा मानते थे|

भगवान शिव के लिये भगवान राम सबसे प्यारे थे, सभी देवी देवतो से ज्यादा प्यार भगवान राम को करते थे|

भगवान राम भगवान शिव को अति प्रिय थे, बिना उनका दर्शन कर लिये कोई कार्य नही करते थे|

प्रभू शिव श्रीराम अपने से बडा मानते थे, उनका हमेशा आदर व सम्मान करते थे, श्रीराम भी अपने से बडा भगवान शिव को मानते थे, हमेशा शिव जी का आदर करते थे,श्रीराम जबतक भगवान शिव का पूजा,अर्चना,ध्यान, नही कर लेते थे, तबतक कोई कार्य नही करते थे|

भगवान शिव को को शमशान घाट इस लिये जाना पडा|

क्योकि जब हमारे यहा जब किसी के घर पर या देश मे जब मृत्यु हो जाती है|

तो उसे शमशान ले जाते समय राम नाम सत्य है, का नारा लगाकर ले जाते है|

तो भगवान शिव बहुत खुश हो जाते है, और उन्है शमशान घाट जाना पडता है|

क्योकि श्रीराम भगवान को अति प्रिय है, जहा पर भगवान राम का नाम व जाप होता है|

उससे भगवान शिव बहुत खुश हो जाते है,और  शिव वहा आ जाते है|

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