सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी स्थानांतरण नीति में संशोधन को मंजूरी, अब 30 जून तक होंगे ट्रांसफर

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी स्थानांतरण नीति में संशोधन को मंजूरी, अब 30 जून तक होंगे ट्रांसफर CM Yogi Adityanath approves amendment in the transfer policy, transfer till June 30.

thebbmnews

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज उत्तर प्रदेश स्थानांतरण नीति में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। अब उत्तर प्रदेश में 30 जून तक तबादले होंगे। पहले 30 मई तक ही तबादला की अंतिम तिथि थी।सीएम योगी आदित्यनाथ अब अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ शासन स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले के मूड में हैं।

मंत्रिमंडल में विभागों के पुनर्गठन प्रस्ताव पर अमल होने के बाद मौजूदा 95 विभागों की जगह पर 57 विभाग ही रह जाएंगे।प्रदेश में अब 30 जून तक तबादले हो सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरी झंडी के बाद कार्मिक विभाग ने मंगलवार को वार्षिक स्थानांतरण नीति में संशोधन कर आदेश जारी कर दिए।

इसके बाद अब शासन, विभागाध्यक्ष, मंडल व जिला स्तर के सभी तबादले 30 जून तक किए जा सकेंगे। दरअसल, 29 मार्च 2018 को प्रदेश सरकार ने चार वर्ष (2018-19 से 2021-22) के लिए स्थानांतरण नीति निर्धारित की थी। इसके तहत 31 मई तक तबादले होने थे, लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण 2019-20 के अभी तक तबादले नहीं हो सके हैं।

सरकार ने स्थानांतरण सत्र 2019-20 में तबादले की तिथि एक माह बढ़ा दी है। अब 30 जून तक तबादले हो सकेंगे। इसके बाद समूह ‘क’ स्तर के अफसरों के तबादले के लिए विभागीय मंत्री के माध्यम से फाइल मुख्यमंत्री के पास अनुमोदन के लिए भेजनी होगी। समूह ‘ख’ के कार्मिकों के लिए विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद तबादले हो सकेंगे।

इसी प्रकार समूह ‘ग’ व ‘घ’ स्तर के कर्मचारियों के तबादले के लिए निर्धारित स्तर से एक स्तर उच्च अफसरों का अनुमोदन प्राप्त कर तबादले हो सकेंगे। कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंहल ने बताया कि यदि कोई विभाग अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के कारण तबादला समय में परिवर्तन चाहता है|

तो उसे 15 जून से पहले विभागीय मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री का अनुमोदन लेना होगा। उन्होंने बताया कि यह संशोधन केवल इसी साल के लिए है। आगे के वर्षों के लिए पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल के संकेत दिए थे।

इसके अलावा कृषि उत्पादन आयुक्त सहित शासन स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के कई महत्वपूर्ण पद या तो रिक्त हैं या अतिरिक्त प्रभार पर चल रहे हैं। अब आचार संहिता खत्म होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार व शासन स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले की अटकलें तेज हो गई थीं।

प्रदेश में अब 30 जून तक सरकारी कर्मचारियों के तबादले होंगे।प्रदेश सरकार की अब मंत्रिमंडल विस्तार से पहले विभागों के पुनर्गठन की कार्यवाही पूरी करने की तैयारी है। कार्यवाही शुरू हो गई है। इसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा। जून में ही विभागों का पुनर्गठन, मंत्रिमंडल विस्तार व प्रशासनिक अफसरों का तबादला होगा। नीति आयोग ने गवर्नेंस में सुधार व सरकारी योजनाओं को तेजी से जनता तक के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर विभागों के पुनर्गठन का सुझाव दिया था।

प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव पर विचार के लिए तत्कालीन अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में तीन जनवरी 2018 को एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव गन्ना विकास संजय भूसरेड्डी, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संतोष यादव व सचिव नियोजन नीना शर्मा शामिल थीं। यह समिति पिछले साल ही मुख्यमंत्री को अपनी संस्तुतियां सौंप चुकी है।

सीएम ने अब इस पर अमल का निर्देश दे दिया है।प्रस्तावित पुनर्गठन केवल सचिवालय स्तर तक सीमित रहेगा। यहां सभी विभागों में सचिवालय सेवा के एक समान कंप्यूटर सहायक एवं सहायक समीक्षा अधिकारी से विशेष सचिव तक अधिकारी होते हैं। यहां पुनर्गठन में किसी तरह की समस्या आने की संभावना नहीं है।

निदेशालय व फील्ड में सेवा संवर्गों की अलग-अलग समस्याएं होती हैं। पुनर्गठन से वहां कुछ विसंगतियां आ सकती हैं। ऐसे में शासन स्तर पर विभागों के पुनर्गठन के बाद ही विभागाध्यक्ष व फील्ड स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह कार्यवाही होगी।समिति के पुनर्गठन प्रस्ताव पर अमल होने के बाद मौजूदा 95 विभागों की जगह पर 57 विभाग ही रह जाएंगे।

समिति ने प्रस्तावित पुनर्गठन में शासन स्तर पर महत्वपूर्ण विभागों में नीतिगत निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयुक्त प्रणाली लागू करने का भी सुझाव दिया है।

समाज कल्याण आयुक्त, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त और वित्त आयुक्त की तरह शिक्षा आयुक्त, स्वास्थ्य आयुक्त व राजस्व संसाधन आयुक्त जैसे नए पदों के सृजन का प्रस्ताव है।

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रिपोर्टर== अनिल शर्मा

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