तुलसीपुर सी एच सी बना अव्यस्था का केंद्र कमीशन वायरस से मरीज बेहाल 

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तुलसीपुर सी एच सी बना अव्यस्था का केंद्र कमीशन वायरस से मरीज बेहाल Tulsipur CHC Center of Harmonic Disorder.

thebbmnews

बलरामपुर जिले में जहां स्वास्थ और शिक्षा के विषय मे अनेक दावे किए जा रहे है तो वही तुलसीपुर नगर के सी एच सी में एक तरफ सरकार करोड़ों की बजट अस्पतालों को सुधारने के लिए देती है| रोगी कल्याण समिति का बजट जहां मन हो वहां खर्च कर दिया जाता है।

कुछ ही दिनों में बारिश आने वाली है इसकी तैयारियों के लिए स्वास्थ विभाग बलरामपुर कोई प्रयास करता हुआ दिखाई नहीं देता । अस्पताल में नगर पंचायत द्वारा बनाया गया शौचालय में गंदगी का बोलबाला ।

अब बात करते हैं अस्पताल परिसर की हुई हल्की बारिश से लगभग 70 % अस्पताल परिसर पानी में डूबा हुआ दिख रहा है ।अस्पताल में लगे इंडिया मार्का हैंड पंप पानी नहीं दे रहा ।जिससे मरीजों को बोतल बंद पानी खरीदना पड़ रहा है ।

आइए देखते है डॉक्टरों का कमीशन कार्यक्रम तीन साल की मासूम सृष्टि 10/25 मिनट पर इलाज कराने पहुची उसे लगभग आधा घंटा इंतजार करना पड़ा । बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एमके वर्मा आते हैं मरीजों को छोड़कर सबसे पहले एम आर दवाओ के कमिशन की जानकारी लेने लगें इसका वीडियो भी मौजूद है 3 साल की मासूम बच्ची की दवा जरूरी थी| या एम आर से कमीशन और दवा की जानकारी जरूरी थी,?

जागरूकता सहयोगी अस्पताल का निरीक्षण करने गए मरीजों की संख्या लगभग हजारों में डाक्टर 1 पीएम रिपोर्ट बनाने अन्य कागजी कार्रवाई पूरा करने की वजह से मरीजो को आठ बजे से 11बजें तक इंतजार करना पड़ा जबकि वहां तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एम के वर्मा ,डॉ सारिका साहू व 2 दिन पहले अपना वेतन कटा चुके आयुष डॉक्टर वसीम आज भी अस्पताल में नहीं मिलें ।

वहां मौजूद मरीजों व स्टाफ से पूछने पर बताया गया आयुष डॉक्टर वसीम अल शिफा नर्सिंग होम के नाम से अपना खुद का नर्सिंग होम चला रहे हैं इसी मुद्दे को लेकर चिकित्साधिकारी डा सुमंत सिंह से बात की गई तो, उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय के निर्देशानुसार डा वसीम का सोमवार का का वेतन काट दिया गया है|

यदि वे आगें ड्यूटी पर नहीं आते हैं तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय उचित कार्रवाई करेंगे, लगभग 10:45 बजे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ एमके वर्मा व सारिका साहू अस्पताल पहुंचे बाल रोग विशेषज्ञ के पास 3 साल की बच्ची सृष्टि परिवार के साथ दवा लेने गई दवाइयों में एक पेरासिटामोल का टेबलेट सरकारी अस्पताल से मिला बाकी दवाइयां मेडिकल से लेनी पड़ी जिसका खर्च 450 लगा ,अब सवाल यह उठता है|

क्या योगी सरकार के अस्पताल में बच्चो केलिए दवाइयां नहीं है ? अभी कुछ दिनों पहले चौकीदारों की भरमार थी एक भी चौकीदार अस्पताल झांकने नहीं गया यही है सबका साथ ,भाजपा कार्यकर्ताओं का विकास, जनता का अविश्वास,, तालाब बने अस्पताल परिसर के विषय में डॉक्टर सुमंत सिंह चौहान ने कहा जल्द ही इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा जिससे बारिश में मरीजों को परेशानी ना हो ।

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रिपोर्टर== अनिल शर्मा

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