प्रधानाध्यापक द्वारा किया जा रहा धन उगाही*

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*प्रधानाध्यापक द्वारा किया जा रहा धन उगाही* Fund raising by the Principal *

बलरमपुर । तुलसीपुर नगर के स्वतन्त्र भारत इंटर कालेज में संबंधित शिक्षक सहित प्रधाना अध्यापक राधेश्याम पांडेय के मिलीभगत से छात्रों से किया जा रहा अवैध धन उगाही उक्त प्रकरण जब मीडिया के संज्ञान में आया तो मामला संज्ञान में लेकर विद्यालय के प्रबंधक जिला गन्ना अधिकारी से बात कर अवैध धन उगाही के बारे में जानना चाहा जैसे टीसी फाॅर्म , ऐडमिशन फॉर्म, मार्कशीट देने का शुल्क ,और कई घोर लापरवाही जैसे विद्यालय में मिड डे मील ना बनना, 11:00 बजे से पहले प्रधाना अध्यापक का ऑफिस ना खुलना, मार्कशीट ,टीसी व एडमिशन के लिए ने छात्रों को बार-बार दौड़ाना ऐसे कई लापरवाहियां देखते हुए उसके विषय में बात किया । तो विद्यालय के प्रबंधक जिला गन्ना अधिकारी ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक का घोर लापरवाही होने की बात कही ।

विद्यालय प्रबंधक के बयान के स्थिति को देखते हुए जब प्रधाना अध्यापक राधेश्याम पांडेय से छात्राओं के आर्थिक शोषण होने जैसी अवैध धन उगाही के विषय में जानना चाहा तो उन्होंने फोन पर जानकारियां न देकर दूसरे दिन विद्यालय में आने को कहते हुए, एक रड़नीति तैयार कर विद्यालय गेट पर कुछ गुंडा मवाली लोग को बैठा दिया और कहा की अभी कुछ समय बाद मीडिया कर्मी आएंगे और जैसे ही मीडिया कर्मी अंदर आने लगे तुरंत लड़ाई कर लेना यह रड़नीति प्रधाना अध्यापक का मीडिया को सूत्रों द्वारा पता चला तो मीडिया कर्मी ने अपना जान जोखिम से बचा कर वापस चले आये।

अब यह साफ जाहिर होता है कि यदि स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज तुलसीपुर का असलियत प्रकाशित पर पत्रकार अपने को सुरक्षित नहीं रख सकता है।

यही नहीं मार्कशीट लेने आए छात्रों ने बताया कि अध्यापक गण और प्राधानाचार्य की मनमानी छात्रों पर इस तरीके से चलाया जा रहा है मानव जैसे रावण राज में विभीषण पर रावण का चलता रहा हो।

अब आपको बताते चलें कि स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज के छात्रों पर किस कदर अत्याचार हो रहा है।

मनमानी फीस और कभी मार्कसीट तो कभी प्रवेश पत्र तो कभी खेल के नाम पर 100से200 की मांग की जाती है ।

और न देने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक छात्रों को प्रताणित करने में भी पीछे नहीं हटते दिनांक 11/07/2019 की घटना है कि जब कुछ छात्र अपना टीसी लेने विद्यालय गए तो उनसे ऑफिस में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि दो सौ रुपये ले कर आओ तभी मार्कशीट मिलेगा ।

तो वही विद्यालय के प्रधानाचार्य को जर्जर भवन के प्रति भी कोई उचित कदम नही उठा रहा। टूटे फर्श और टूटी दीवाल जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है ।

इससे तो यही लगता है कि प्रधानाध्यापक कही न कही इस समस्या के जिम्मेदार हैं ।

यहां तक की जो दीवाल धराशाई हो गई और छात्रों के लिये बने शौचालय की हालत इतनी दयनीय स्थित में है कि उस में शौच करने जाना किसी मुसीबत भरी समस्या से कम नहीं है ।

स्वछता के नाम पर स्वच्छ भारत मिशन का ठेंगा दिखाता नजर आ रहा स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज तुलसीपुर कागजों में विकास जमीनी स्तर पर विनाश सिर्फ कागजी स्वछता ही दिखाई पड़ रहा जबकि सत्यता कुछ और ही दिखाई पड़ रहा । तो वही शिक्षा अधिकारी को भी समस्याओं के समाधान की कोई चिंता नही दिखाई पड़ रही ।

ऐसे में एक बड़ा सवाल आखिर क्यों छात्रों के भविष्य को लेकर अभिभावक का आर्थिक शोषण किया जा रहा कब तक l

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रिपोर्टर== अनिल शर्मा

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