इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..! लेकिन किस्मत और नसीब नही..! “श्रेय मिले न मिले, अपना श्रेष्ठ देना कभी बंद न करें.”

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साथियों,
एक ही लक्ष्य वेतनमान के साथ नियमितिकरण ।

इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभागीय मंत्री और पदाधिकारियों के लगातार ज्ञापन देते हुए अपनी माँगों को पुरजोर तरीके से उठाते रहा ,गुहार लगाते रहा लेकिन अब ये आचार संहिता की दुहाई देकर लाचारी दिखा रहे हैं ।
तब लोकतंत्र में अंतिम दरबाजा सर्वोच्च न्यायालय में आया हूँ लगभग तीन-चार दर्जन वकीलों से मुलाकात करने के बाद केस फाइल करने से लेकर केस जीतने तक की सारी प्रक्रियाओं से रूबरू हुआ ।
भाई अब तक तो एकाकी प्रयास मैं निरंतर कर रहा हूँ लेकिन सुन्दर परिणाम के लिए आगे संगठन की शक्ति और मजबूती और आपसी अंडरस्टैंडिग पर निर्भर करता है ।यह भी तय है कि आप सभी का सहयोग मिलने पर ही वेतनमान के साथ नियमितिकरण प्राप्त होगा यह तो बिल्कुल ही स्पष्ट हो गया है ।

इसके लिए मुझे निम्नांकित मदद चाहिए–

1-अब इसमें सर्व प्रथम हमें केस फाइल करने के लिए मजबूत डाक्यूमेन्ट की आवश्यकता होगी क्योंकि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि केस कितना भी बड़ा वकील क्यों न हो वह केस नहीं जीतता है, केस मजबूत डाक्यूमेन्ट और ठोस सबूत से जीता जाता है ।
हमें वह सारे डाक्यूमेन्ट की आवश्यकता होगी जो हमारे केस को डिग्री दिलाने में सहायक हों। आपके विचार से जो – जो डाक्यूमेंट उपयोगी है ।साझा करने की कृपा करें।

2-दूसरी बात है कि कोई भी केस सामान्यतः किसी हाईकोर्ट से रेफर होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में लिया जाता है और जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हाईकोर्ट में दो -तीन साल का समय और काफी पैसा वकील साहब पर खर्च करने के बाद ही छुटकारा मिल पाता है और अब उतना समय और पैसा भी हम बर्बाद करने के लिए नहीं तैयार हैं ।
इसके लिए हमें यह रास्ता बताया गया कि यदि कई स्टेट के पेटिशनर एक साथ इसी मुद्दे पर केस फाइल करें तो सुप्रीम कोर्ट डायरेक्ट केस को स्वीकार करते हुए सुनवाई करेगी।
और यदि आपका डाक्यूमेन्ट के माध्यम से पक्ष मजबूत रहा तो फिर फैसला अधिकतम चार से पांच हेयरिंग में आना ही    आना                      है ।
3- सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने में लाखों रुपए खर्च होने की संभावना है । यह एक किसी व्यक्ति के द्वारा राज किया जाना संभव नहीं है। इसलिए हमने हर स्टेट के साथियों से आग्रह किया हूं कि इसमें सहयोग करने वाले और साथियों की सूची उपलब्ध कराने की कृपा करें जो इस कार्य में अपना आर्थिक सहयोग समय-समय पर दे सकते हैं। मेरी कोशिश है कि कम से कम खर्च हर साथी पर आए इसके लिए सहयोगियों के लिस्ट बड़ी होनी चाहिए। पूरे भारत में हम तीन- चार लाख मनरेगा कर्मचारी हैं लिस्ट में अभी तक मात्र 175 लोग ही आप आए हैं। आप उन सहयोग करने वाले साथियों में से एक हैं ।हमारी कोशिश है यह संख्या कम से कम 5000 से 10000 होनी चाहिए तभी सफलता पा सकते हैं।
31 मार्च 2020 तक हमारी कोशिश है कि इतनी संख्या की सूची हमें आप लोगों के सहयोग से उपलब्ध हो जाए और सूची उपलब्ध होने के बाद अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी ।
साथी मेरे, अब गेंद आप लोगों के पाले में है, क्या करें ? इसपर आप सभी साथियों का विचार एवं सलाह अपेक्षित है ।
वेतनमान के साथ नियमितिकरण प्राप्त करने के इस महत्वपूर्ण कार्य में जिनसे जैसा मदद ,सहयोग बने हमें सूचित करें जिससे कि मैं अपनी कोशिश को निरंतर जारी रखने का कार्य कर सकूँ ।

       

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