श्री राम जय राम जय जय राम विश्व का पांचवा धाम सार्वभौम हिंदू धर्म श्री 24 अवतार तत्व ज्ञान मंदिर महा तीर्थ

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श्री राम जय राम जय जय राम विश्व का पांचवा धाम सार्वभौम हिंदू धर्म श्री 24 अवतार तत्व ज्ञान मंदिर महा तीर्थ Sri Ram Jai Ram Jai Jai Ram The fifth Dham of the world Universal Hinduism Shri 24 Avatar Tattva Gyan Mandir Maha Tirtha

चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को वानरराज केसरी के लाल अंजनी नंदन पवन पुत्र महाबली हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस वर्ष हनुमान जयंती महापर्व 08 अप्रैल 2020 दिन बुधवार को मनाया जाएगा। हनुमान जयंती के दिन भक्त विधि-विधान के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान की विधिवत पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और धन-सपंदा में भी लाभ होता है।

हनुमान जी को शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव भगवान शिव का ग्यारहवां रूद्र अवतार माना जाता है, जिन्होंने त्रेतायुग में प्रभु श्रीराम की भक्ति और सेवा के लिए जन्म लिया। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए भगवान श्रीराम की भक्ति भी करनी चाहिए। हनुमान जी को बजरंगबली, अंजनी सुत, केसरीनंदन, आंजनाय पवन पुत्र, संकटमोचन आदि नामों से भी पुकारा जाता है।

रामनवमी की तरह हनुमान जन्माेत्सव भी धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार कोरोनावायरस लॉकडाउन के कारण मंदिरों में हनुमान जयंती नहीं मनाई जाएगी इसलिए घर पर बैठकर ही आप भगवान की विशेष पूजा अर्चना कर सकते है। इस दिन पूर्णिमा होने के कारण भगवान विष्णु की पूजा और सत्यनारायण की कथा सुनी जाती है।

श्री राम के प्रिय भक्त हनुमान जी को अजर अमर अविनाशी कलयुग में सबके सहायक भगवान, अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता के रूप में जाना जाता है। इस वर्ष हनुमान जयंती पर जानते हैं उनके जन्म से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।

हनुमान जयंती चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस साल चैत्र पूर्णिमा ति​थि का प्रारंभ 07 अप्रैल 2020 दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से प्रारंभ हो रहा है। पूर्णिमा तिथि का समापन 08 अप्रैल 2020 दिन बुधवार को सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर होगा। ऐसे में हुनमान जयंती 08 अप्रैल 2020, बुधवार को मनाई जाएगी।

हनुमान जयन्ती तिथि- बुधवार, अप्रैल 8, 2020
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – अप्रैल 07, 2020 को 12:01 PM बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त – अप्रैल 08, 2020 को 08:04 AM बजे
पूर्णिमा का सूर्योदय व्यापनी मुहूर्त 08 अप्रैल को ही प्राप्त हो रहा है, इसलिए 08 अप्रैल को सुबह 08 बजे से पूर्व हनुमान जयंती की पूजा कर लें। सुबह 08:04 बजे के बाद से वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी।

ज्योतिषियों की मानें तो इस बार चैत्र पूर्णिमा पर हस्त नक्षत्र, बालव करण, व्यतिपात योग व आनंद योग, सिद्धयोग के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग होने से हनुमान जयंती का महत्व और भी बढ़ गया हैं। 08 अप्रैल को सुबह 06:03 बजे से 06:07 बजे के बीच सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। इस समय में हनुमान जी की पूजा करना श्रेष्ठ है।

कैसे करें हनुमान जयंती पर पूजा?
हनुमान जयंती पर सुबह नहा-धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।
अभिजित मुहूर्त में हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत शुभ है।
उत्तर-पूर्व दिशा में अब एक पवित्र जगह पर चौकी पर लाल कपड़ा रखें। हनुमान जी के साथ श्री राम जी के चित्र या मूर्ति की स्थापना करें। हनुमान जी को लाल और राम जी कको पीले फूल अर्पित करें। हनुमान जी को चमेली की खुश्बू या तेल और लाल फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
बजरंग बली का अभिषेक करके उनपर तिल ya चमेली के तेल में मिला कर सिंदूर चढ़ाएं।
भगवान के सामने शुद्ध देसी घी का चौमुखी दिया जलाएं।
हनुमान जी को केसर के साथ घिसा लाल चंदन लगाना चाहिए, लेकिन यदि केसर न हो तो आप कच्ची हल्दी के साथ चंदन मिला कर लगाएं.
हनुमान जी को पुरुष वाचक पुष्प जैसे गेंदा, हजारा, कनेर, गुलाब, कमल, सूर्यमुखी के फूल अर्पित करना चाहिए। स्त्रीवाचक फूलों जैसे जूही, चमेली, चम्पा, बेला आदि हनुमानजी को न चढ़ाएं।
प्रसाद के रूप में शुद्ध घी से ही बने मालपुआ, लड्डू, हलुआ, चूरमा, आदि का भोग लगाएं, तुलसी दल भी अर्पित करें। यदि शुद्ध घी न हो तो आप फल – केला, अमरूद चढ़ाएं.
पहले श्री राम के मंत्र ‘राम रामाय नमः‘ का जाप करें। फिर हनुमान जी के मंत्र ‘ॐ हं हनुमते नमः‘ का जाप करें।
धूप, दीप से उनका पूजन कर आरती करनी चाहिए।
ऊर्जा उत्साह और बल प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा, सुंदर काण्ड, बजरंग बाण का पाठ करें।
ब्राह्मण या फिर किसी गरीब जरुरतमंद को अन्न दान करना चाहिये।
हनुमानजी की आराधना हमेशा पवित्र मन से करनी चाहिए। मन में वासना, द्वेष या कपट होने पर पूजा फलीभूत नहीं हो सकती।
हनुमान जी के मंत्र
मान्यता है कि सिर्फ हनुमान चालिसा का पाठ करने से सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। मगर कुछ ऐसे मंत्र भी हैं जिन्हें जप कर आप हनुमान जी की कृपा पा सकते हैं।

ॐ तेजसे नम:
ॐ प्रसन्नात्मने नम:
ॐ शूराय नम:
ॐ शान्ताय नम:
ॐ मारुतात्मजाय नमः

श्री हनुमान जी के चमत्कारी बारह नाम
कलयुग में राम भक्त हनुमान के द्वादश यानि बारह नामों का स्मरण (जाप) किया जाये तो सारी तकलीफें, समस्याएं, क्लेश, व्याधि पल भर में छूमंतर हो जाएंगी. प्रातकाल, रात्रि में सोने के पूर्व, किसी नए कार्य के आरम्भ के पूर्व या यात्रा के पूर्व इन नामों का प्रयोग करें.

1. हनुमान
2. अंजनीसुत
3. वायुपुत्र
4. महाबल
5. रामेष्ट
6. फाल्गुनसखा
7. पिंगाक्ष
8. अमितविक्रम
9. उदधिक्रमण
10. सीताशोकविनाशन
11. लक्षमणप्राणदाता, और
12. दशग्रीवदर्पहा

मनोकामना पूरी करने के लिए इन बारह नामों का नित्य प्रात नौ बार जाप करना चाहिए.

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