सुबह का नमस्कार जय श्री राम जय महाकाल

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सुबह का नमस्कार ☀
-|| रामायण ||-
🙏 जय श्री राम 🙏
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दिनांक 2️⃣7️⃣:0️⃣4️⃣:2⃣0⃣2️⃣0️⃣
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🌞
चोपाई

गुहँ बोलाइ पाहरू प्रतीती,ठावँ ठावँ राखे अति प्रीती ||
आपु लखन पहिं बैठेउ जाई,कटि भाथी सर चाप चढ़ाई ||२||

💮
भावार्थ

गुह ने विश्वासपात्र पहरेदारों को बुलाकर अत्यन्त प्रेम से जगह-जगह नियुक्त कर दिया ||
और आप कमर में तरकस बाँधकर तथा धनुष पर बाण चढ़ाकर लक्ष्मणजी के पास जा बैठा ||२||

🌕
चोपाई

सोवत प्रभुहि निहारि निषादू,भयउ प्रेम बस हृदयँ बिषादू ||
तनु पुलकित जलु लोचन बहई,बचन सप्रेम लखन सन कहई ||३||

💮
भावार्थ

प्रभु को जमीन पर सोते देखकर प्रेम वश निषाद राज के हृदय में विषाद हो आया ||
उसका शरीर पुलकित हो गया और नेत्रों से (प्रेमाश्रुओं का) जल बहने लगा,वह प्रेम सहित लक्ष्मणजी से वचन कहने लगा- ||३||
🙏श्री राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना, निषाद के द्वारा सेवा🙏
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📖 अब तक 📖

सकल योग

🔘 श्लोक……………………३
🔘 सोरठा……………………३
🔘 चोपाई……………………३६२
🔘 दोहा……………………..८६
🔘 छंद…………………………३ ✍
कुल योग

🔘 श्लोक…………………….३
🔘 सोरठा…………………….३
🔘 चोपाई……………………७१५
🔘 दोहा………………………८६
🔘 छंद………………………..३
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आयोध्या काण्ड
(द्वितीय सोपान)
श्री राम चरित्र मानस

शेष कल👉
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🙏 जय श्री राम 🙏

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